विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। जिस तरीके से घड़ी की सुईयां तेजी से चल रहे हैं उसी प्रकार दुनिया भर में जनसंख्या तेजी से वृद्धि हो रही है। 

विकास में रुकावर्ट हैं बेरोजगारी अशिक्षा भुखमरी। इसके पीछे जनसंख्या वृद्धि कारण है। जनसंख्या वाला सबसे बड़ा देश चीन है इसकी दूसरे नंबर पर भारत आता है। यह 30वा जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है।]

कब और क्यों मनाया जाता है डॉक्टर केसी जैक्रीयाह की सलाह से जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। उन्होंने दुनिया भर का आंकड़ा लगभग 5 मिलियन तक बताया था।

1987 में 5 मिलियन से ज्यादा जनसंख्या होने के बाद यूनाइटेड नेशनल डिपार्टमेंट ने एक प्रोग्राम किया

जिसमें इस दिन छुट्टी का प्रावधान बताया। दुनिया भर का ध्यान जनसंख्या वृद्धि पर आकर्षित किया ताकि जनसंख्या वृद्धि के नकारात्मक दुष्प्रभाव से बचा जा सके। 

जनसंख्या मुद्दों जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है जैसे पर्यावरण विकास इसमें शामिल है। 

1989 में इस दिन जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत हुई। 1990 में रिजाल्यूशन 45/216 से संयुक्त राष्ट्र सभा में आबादी के दुष्प्रभाव से जुड़े मुद्दे 

जैसे गरीबी, जैज्जे, बच्चे स्वास्थ्य, लैंगिक, समानता, मानव अधिकार परिवार नियोजन गर्भनिरोधक दवाओं का प्रसार और सुरक्षित यौन संबंध समस्याओं पर चर्चा की 

जिससे आबादी पर नियंत्रण किया जा सके। इस दिन तरह तरह के प्रोग्रामो का आयोजन किया जाता है। विश्व जनसंख्या दिवस 2022 की थीम

भारत प्रतिनिधि सभा में “स्वालंबी भारत “अभियान शुरू करने जा रही है। इसकी कार्यशाला में 22 संगठनों के 72 प्रतिनिधि शामिल हैं। 2030 तक संपूर्ण स्वरोजगार लक्ष्य तय करने का उद्देश्य है। देश के हर जनपदों में कृषि केंद्र खोले जाएंगे। दिल्ली के राज्यों 11 जिलों में केंद्र खोले जाएंगे। वहां बैंक उद्योग, जिला प्रशासन किसान स्टार्टअप का मंच लगाया जा रहा है। अखिल भारतीय प्रमुख सुनील ने बताया कि इस अभियान के तहत 4000 से अधिक स्वरोजगार प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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